चलते-फिरते ब्लॉग बनाएं, पोस्ट लिखें-एडिट करें, टेम्पलेट्स व एनालिटिक्स से मैनेज करें
चलते-फिरते ब्लॉग बनाएं, पोस्ट लिखें-एडिट करें, टेम्पलेट्स व एनालिटिक्स से मैनेज करें
वोट (6 वोट)
प्रोग्राम लाइसेंस Free
डेवलपर google
संस्करण 3.1.10
के तहत काम करता है Android
अन्य नाम Blogger
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डेवलपर
के तहत काम करता है
Android
प्रोग्राम लाइसेंस
Free
संस्करण
3.1.10
अन्य नाम
Blogger
Blogger एक ऐसा Android ऐप है जो आपको अपने ब्लॉग को सीधे मोबाइल से बनाना, लिखना और मैनेज करना आसान बनाता है। यह एक पब्लिशिंग प्लेटफॉर्म की तरह काम करता है, जहां आप कंटेंट पोस्ट करने के साथ-साथ अपने साइट के लुक को भी अपनी पसंद के अनुसार ढाल सकते हैं।
यह ऐप खास तौर पर शुरुआती ब्लॉगर्स, व्यक्तिगत रुचियों (जैसे लाइफस्टाइल या रेसिपी) पर लिखने वालों, और उन लोगों के लिए है जो चलते-फिरते लिखना और पोस्ट करना चाहते हैं।
शुरुआत में कम झंझट, ब्लॉग पर ज्यादा फोकस
Blogger का सबसे बड़ा आकर्षण इसकी सरलता है। बिना HTML जाने भी आप अपना ब्लॉग सेट कर सकते हैं और उसे अपनी जरूरत के मुताबिक ढाल सकते हैं। ऐप पूरी तरह मुफ्त है, और थीम, टेम्पलेट और प्लग-इन जैसी चीजों के जरिए शुरुआत में ही एक ठीक-ठाक रूप देना संभव हो जाता है। चाहें तो कुछ विकल्प थर्ड-पार्टी ऐप्स से खरीदने का रास्ता भी खुला रहता है।
डिजाइन और पहचान: टेम्पलेट्स से अपने स्टाइल में
अगर आप चाहते हैं कि आपका ब्लॉग आपके लक्ष्य और व्यक्तित्व को दिखाए, तो यहां मौजूद सैकड़ों टेम्पलेट्स मदद करते हैं। आप अपने पेज का लुक चुनकर उसे क्यूरेट कर सकते हैं, जिससे साइट का समग्र अनुभव आपकी थीम के अनुरूप लगे।
लिखना, एडिट करना और कई ब्लॉग संभालना
ऐप के भीतर पोस्ट कंपोज और एडिट करने की सुविधा है, जो मोबाइल पर कंटेंट बनाने वालों के लिए व्यावहारिक है। जिनके पास एक से ज्यादा ब्लॉग हैं, उनके लिए एक उपयोगी बात यह है कि ऐप कई ब्लॉग्स को सपोर्ट करता है और उनके बीच तेजी से स्विच किया जा सकता है।
रीडर इनसाइट्स: कौन पढ़ रहा है, क्या चल रहा है
Blogger में बिल्ट-इन एनालिटिक्स दिया गया है, जिससे आप देख सकते हैं कि कौन-सी पोस्ट ज्यादा ध्यान खींच रही है और आपके पाठक कहां से आ रहे हैं। कंटेंट दिशा तय करने में यह जानकारी काम की बन सकती है, खासकर जब आप नियमित रूप से लिखते हैं।
डोमेन विकल्प और वेब की तुलना में सीमाएं
आप चाहें तो फ्री डोमेन का विकल्प चुन सकते हैं, या अलग पहचान के लिए कस्टम डोमेन लेने का रास्ता भी मौजूद है। फिर भी, ऐप हर जगह वेब वाले अनुभव की बराबरी नहीं करता। उदाहरण के लिए, इसमें शेड्यूल्ड पोस्ट का सपोर्ट नहीं है। साथ ही, पोस्ट फॉर्मेटिंग से जुड़ी दिक्कतें सामने आ सकती हैं, जिनमें कंटेंट किसी दूसरे प्लेटफॉर्म पर देखने पर अस्त-व्यस्त दिख सकता है।
स्थिरता और ड्राफ्ट से जुड़ी परेशानियां
कुछ स्थितियों में ऐप का व्यवहार खीझ पैदा कर सकता है। फोटो के साथ पोस्ट पब्लिश करने पर फेल होना, ड्राफ्ट में वापस जाने पर तस्वीरों का खाली दिखना, और ऐसे खाली फोटो हटाते समय ऐप का क्रैश होना जैसी समस्याएं अनुभव को प्रभावित करती हैं। टेक्स्ट एडिटिंग के दौरान ऑटो-करेक्शन से जुड़ा अंडरलाइन कभी-कभी फॉर्मेटिंग की तरह सेव हो जाने का भी अनुभव हो सकता है। एक और व्यावहारिक बात, मल्टीटास्किंग के दौरान अगर आप बार-बार सेव नहीं करते, तो ड्राफ्ट में बदलाव सुरक्षित न रहने का जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में कुछ लोग लिखने के लिए किसी अलग एडिटर का सहारा लेकर बाद में कंटेंट पेस्ट करना ज्यादा भरोसेमंद मानते हैं।
फायदे
- मुफ्त प्लेटफॉर्म, शुरुआती लोगों के लिए आसान
- टेम्पलेट, थीम और प्लग-इन से ब्लॉग का लुक कस्टमाइज़ करने की सुविधा
- मोबाइल से पोस्ट लिखना और एडिट करना सुविधाजनक
- एनालिटिक्स से पोस्ट परफॉर्मेंस और रीडर सोर्स का अंदाजा
- एक से ज्यादा ब्लॉग होने पर स्विचिंग सपोर्ट
कमियां
- वेब वर्जन की तुलना में कुछ फीचर सीमित, जैसे शेड्यूल्ड पोस्ट का अभाव
- फॉर्मेटिंग समस्याएं, अलग प्लेटफॉर्म पर पोस्ट गड़बड़ दिख सकती है
- फोटो पोस्टिंग, ड्राफ्ट और क्रैश जैसी बग्स से अनुभव प्रभावित हो सकता है
- मल्टीटास्किंग में सेव न करने पर बदलाव खोने का जोखिम